छत्तीसगढ़
उप संचालक पशुधन विकास विभाग डॉ महेंद्र पांडेय ने पशुपालकों से की अपील
Shantanu Roy
27 Sept 2025 11:40 PM IST

x
छग
Sarangarh Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। रेबीज एक खतरनाक और जानलेवा बीमारी है, जो मनुष्य और पशु दोनों में फैल सकती है। कुत्ते या बिल्ली के काटने, उनके लार या नाखून से संक्रमण होने पर यह बीमारी तेजी से बढ़ सकती है। समय पर इलाज और टीकाकरण नहीं कराने पर रेबीज मृत्यु का कारण भी बन सकता है। यही कारण है कि हर वर्ष 28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस मनाया जाता है ताकि लोगों में इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़े और समय रहते बचाव किया जा सके।
उप संचालक पशुधन विकास विभाग, डॉ. महेंद्र पांडेय ने जिले के सभी पशुपालकों और पालतू कुत्ता-बिल्ली मालिकों से अपील की है कि वे 28 सितंबर को अपने पालतू पशुओं को नजदीकी पशु चिकित्सालय लेकर जाएं। सारंगढ़, सरसीवां, बिलाईगढ़ सहित जिले के अन्य पशु चिकित्सालयों में रेबीज टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा और यह सेवा निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। डॉ. पांडेय ने बताया कि रेबीज केवल पशुओं तक सीमित नहीं है बल्कि यह मनुष्य में भी जानलेवा साबित होती है। अगस्त से अक्टूबर के बीच अधिकतर मामले सामने आते हैं जब लोग कुत्ते या अन्य जानवरों के काटने के शिकार होते हैं। आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 5000 लोगों की मौत कुत्ते के काटने से होने वाले रेबीज संक्रमण के कारण होती है।
उन्होंने कहा कि रेबीज से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका समय पर टीकाकरण और जागरूकता है। अगर किसी व्यक्ति को कुत्ते या बिल्ली ने काट लिया है तो तुरंत घाव को साफ पानी और साबुन से धोना चाहिए और तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाना चाहिए। देरी करने पर संक्रमण बढ़ सकता है और इलाज मुश्किल हो जाता है। इस अवसर पर पशुपालकों से विशेष अपील की गई है कि वे अपने पालतू कुत्तों और बिल्लियों का निशुल्क टीकाकरण अवश्य कराएं। यह न केवल उनके पालतू पशुओं की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि परिवार और समाज के लोगों को भी इस खतरनाक बीमारी से बचाने में सहायक है।
जागरूकता अभियान के तहत पशु चिकित्सालयों में 28 सितंबर को सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक टीकाकरण किया जाएगा। पशु चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी इस दौरान लोगों को रेबीज से बचाव और प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी भी देंगे। डॉ. पांडेय ने कहा कि विश्व रेबीज दिवस पर अधिक से अधिक लोग अपने पालतू पशुओं को लेकर आएं और इस अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से ही हम रेबीज जैसी खतरनाक बीमारी पर नियंत्रण पा सकते हैं और मानव जीवन को सुरक्षित रख सकते हैं।
Tagsछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsNews of ChhattisgarhChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi NewsChhattisgarh News Liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





